Monday, July 1, 2019

ख़ारा प्रेम

अर्ज़ किया है....

ख़ारे हाथों से वो ज़ख्म भरना चाहते है.
वो बेवफ़ा वफ़ा का पाठ पढ़ना चाहते हैं.

शिल्पा रोंघे 

Sunday, June 30, 2019

दिल ही तो है

नाराज़ ना होना, किसी के साथ के लिए.
अकेले रहना भी अच्छा होता है दिल की सेहत के लिए.
शिल्पा रोंघे

Saturday, June 29, 2019

नया दौर




ना अंधभक्ति
ना अंध विरोध,
सिर्फ देशभक्ति 
चाहे ये नया दौर.

शिल्पा रोंघे

सलाह

सलाह देने 
से पहले 
अमल करना.

अमल करने 
से पहले 
सोचना 
बहुत ज़रूरी है.

शायद इसलिए ये 
शब्द कोई  पूछे तभी 
ज़ुबां से निकलता है.

शिल्पा रोंघे 

Friday, June 28, 2019

मेघ की कलम से

मेघ ने आसमानी स्याही से
सूखी धरती पर पानी लफ्ज़ लिख दिया.
भीगे भीगे से पन्नों 
का नाम नदी और तालाब 
रख दिया.

शिल्पा रोंघे 

Thursday, June 27, 2019

फलों का राजा



कहने को आम हूं,
लेकिन स्वाद में मीठा, रसीला 
और ख़ास हूं.

कच्चा हरा हो तो कैरी 
हूं, पना बनकर गर्मी 
का हरण कर लेता हूं.

पका और पीला हो तो 
आम हूं, आमरस बनकर 
मन को भाता हूं.

घर हो या दुकान 
हर जगह है मांग मेरी.

हर उम्र के लोगों का
प्रिय हूं.

मैं फलों का राजा 
कहलाता हूं, आम के आम गुठलियों 
के दाम यूं नहीं कहते लोग.

शिल्पा रोंघे 

स्त्री

"सुंदर" स्त्री...
ये विशेषण लगाने की 
ज़रूरत नहीं है. 
क्योंकि स्त्री शब्द ही 
सुंदर भी है संपूर्ण भी.

शिल्पा रोंघे 

मेघा

देख रहे हैं राह, बचे-खुचे कुछ जंगल। अब तो निमंत्रण स्वीकार कर। सूख रही हैं नदियाँ और ताल, फिर से बह कर कहीं दूर निकल चल। मेघा, बरस  फिर से, ...