Friday, July 5, 2019

हिना का रंग

काश कोई उनसे भी पूछता पीले हाथों
की बात.
ख़ामखा क्यों ज़माना एक औरत से 
ही लगाता है हिना की उम्मीद.

शिल्पा रोंघे 

Thursday, July 4, 2019

नया दौर

रूचि, मेहनत और तर्क का मेल है
नए वक्त की ज़रूरत.

शिल्पा रोंघे 

Wednesday, July 3, 2019

बारिश की बात

टिप टिप  बरसता पानी तो बस बहाना है, 
असल में चाय के संग पकौड़े खाना है.

शिल्पा रोंघे 

Tuesday, July 2, 2019

ईश्वर

निराकार है या साकार है.
ये बहस का विषय नहीं.
वो चल रहा है उसके दिखाए 
रास्ते पर या नहीं.
बस फ़िक्र होनी चाहिए 
मनुष्य को यही.

शिल्पा रोंघे 

          

प्यार

शायद सच है ये प्रेम एक बार 
ही होता है, बाकी सब भ्रम होता है.


शिल्पा रोंघे 

घड़ी

घड़ी -घड़ी बदलते लोग देखकर, 
घड़ी भी  बोल पड़ी इतनी जल्दी तो मैं भी 
नहीं चलती.

शिल्पा रोंघे 

Monday, July 1, 2019

ख़ारा प्रेम

अर्ज़ किया है....

ख़ारे हाथों से वो ज़ख्म भरना चाहते है.
वो बेवफ़ा वफ़ा का पाठ पढ़ना चाहते हैं.

शिल्पा रोंघे 

मेघा

देख रहे हैं राह, बचे-खुचे कुछ जंगल। अब तो निमंत्रण स्वीकार कर। सूख रही हैं नदियाँ और ताल, फिर से बह कर कहीं दूर निकल चल। मेघा, बरस  फिर से, ...